हमारे बारे में
विश्व ब्राह्मण परिषद सनातन धर्म की रक्षा, ब्राह्मण समाज के संगठन और राष्ट्र निर्माण के संकल्प के साथ निरंतर कार्य कर रही है। हमारा उद्देश्य भारत की सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और धार्मिक विरासत को सुरक्षित रखते हुए आने वाली पीढ़ियों तक पहुँचाना है।
विश्व ब्राह्मण परिषद की स्थापना 16 सितंबर 2023 माता श्री राजराजेश्वरी मंदिर, श्री परशुराम भवन संगरुर (भारत) में हुई।हम सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार, सामाजिक सेवा, राष्ट्रभक्ति और धर्म जागरण के माध्यम से एक सशक्त समाज के निर्माण हेतु समर्पित हैं।
आपके सहयोग से हम निम्न कार्यों को गति देते हैं:
🚩 सनातन संस्कृति का संरक्षण एवं प्रचार
🚩 मंदिरों व धार्मिक संस्थानों का सहयोग
🚩 साधु-संतों एवं विप्र समाज का उत्थान
🚩 युवाओं में संस्कार एवं राष्ट्रभक्ति का विकास
🚩 समाज की एकता, सुरक्षा एवं स्वाभिमान की रक्षा
📜 शास्त्रों का संदेश:
“धर्मो रक्षति रक्षितः”
🎯 हमारा उद्देश्य
सनातन धर्म की रक्षा, विप्र समाज का संगठन एवं राष्ट्र की सेवा।
🌸 हमारा संकल्प
धर्म, संस्कृति और समाज की रक्षा हेतु पूर्ण निष्ठा।
संस्थापक चेयरमैन
विश्व ब्राह्मण परिषद व
हिन्दू सुरक्षा परिषद
विशेष योग्यता एवं कार्यक्षेत्र
- आयुर्वेद रत्न उपाधि प्राप्त
- होम्योपैथी एवं इलेक्ट्रोहोम्योपैथी विशेषज्ञ
- अध्यक्ष – प्राचीन शिव मंदिर कमेटी, चनों (संगरूर) – 1994 से निरंतर
- संस्थापक अध्यक्ष – PMPA – 1996 से
राजनीतिक एवं सामाजिक दायित्व
- संस्थापक एवं पूर्व महासचिव – एनसीपी पंजाब
- दो बार विधानसभा चुनाव प्रत्याशी
- पूर्व अध्यक्ष – चुनाव प्राधिकरण, एनसीपी पंजाब
- कार्यकारी प्रतिनिधि सदस्य – अखिल भारतीय एनसीपी
डॉ. आर.के. लोमश एक प्रतिष्ठित चिकित्सक, समाजसेवी एवं संगठनकर्ता हैं। उन्होंने चिकित्सा सेवा के माध्यम से जनकल्याण को प्राथमिकता दी।
विश्व ब्राह्मण परिषद के संस्थापक चेयरमैन के रूप में उनका लक्ष्य ब्राह्मण समाज को संगठित, सशक्त और सेवा–भाव से युक्त बनाना है।
जय श्री परशुराम – जय श्री ब्राह्मण समाज
एम्बेसडर कर्नल सर (के.आर.) प्रो. (डॉ.) बिकाश शर्मा
राष्ट्रीय अध्यक्ष
प्रमुख सम्मान एवं उपलब्धियाँ
- नोबेल शांति पुरस्कार नामांकित – 2023
- कॉमनवेल्थ ऑफ केंटकी (USA) द्वारा “केंटकी कर्नल” की मानद उपाधि – 2022
- नाइट ऑफ रिज़ाल (KR), फिलीपींस – 2021
- अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा “प्रेसिडेंट वॉलंटियर सर्विस अवार्ड” – 2020
- एशिया एचआरडी अवार्ड – 2019
प्रो. (डॉ.) बिकाश शर्मा एक प्रतिष्ठित प्रबंधन विशेषज्ञ, शिक्षाविद्, सामाजिक उद्यमी एवं परोपकारी व्यक्तित्व हैं। उन्हें शिक्षा, प्रबंधन, मानव संसाधन तथा आईटी सेवाओं के क्षेत्र में 25 से अधिक वर्षों का व्यापक अनुभव प्राप्त है।
वे इंटरनेशनल एकेडमिक एंड मैनेजमेंट एसोसिएशन (IAMA) के संस्थापक अध्यक्ष एवं ट्रस्टी हैं। यह संस्था “शिक्षा सभी का मौलिक अधिकार” की भावना के साथ विश्व के 44 से अधिक देशों में कार्यरत है।
डॉ. शर्मा अनेक अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालयों एवं शैक्षणिक संस्थानों के बोर्ड सदस्य हैं।
वे वर्तमान में विश्व ब्राह्मण परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में समाज, संस्कृति और शिक्षा के उत्थान हेतु समर्पित हैं।
जय परशुराम – जय ब्राह्मण एकता
राष्ट्रीय पदाधिकारी सूची
डॉ. आर.के. लोमश
(डॉ.) बिकाश शर्मा
गुरिंदर जोशी
इंजी अविनाश मनन
प्रो. कमल किशोर शर्मा
श्री सुरेश पुंज
श्रीमती तिलक लोमश
श्रीमती डॉली मनन
श्री नरेंदर पाल शर्मा
श्री पीवीआर साईनाथ
डॉ मीनकेतन दास
श्री अश्विनी शर्मा
श्री युवराज भारती
श्री शम्मी लोमश
हमारे कार्यक्रम
1. रोजगार सृजन
बेरोजगार व आर्थिक तौर पर कमजोर नौजवानों के लिए रोजगार के वसीले पैदा करना एवं आत्मनिर्भर बनाना।
2. स्वास्थ्य सेवा
होम्योपैथी, योग, प्राकृतिक चिकित्सा एवं आयुर्वेदिक प्रणाली के योग्य व्यक्तियों की मदद द्वारा संचालित कार्यक्रम।
3. वृद्ध व दिव्यांग सहायता
वृद्ध एवं विकलांग व्यक्तियों के लिए सहायता, सम्मान व सेवा आधारित कार्य।
4. सनातन प्रचार
सनातन का प्रचार–प्रसार, प्रेरणा, मन्दिरों का सुधार एवं पुजारियों के हितों की रक्षा करना।
5. गुरुकुल व शिक्षा
योग्य और जरूरतमंद गरीब बच्चों को शिक्षा तथा उच्च शिक्षा में सहायता प्रदान करना।
6. महिला सशक्तिकरण
गरीब लड़कियों की शादी में मदद, महिलाओं को रोजगार एवं व्यावसायिक प्रशिक्षण द्वारा सम्मान की रक्षा।
7. सामाजिक न्याय
सामाजिक कुरीतियों एवं देवी–देवताओं के चित्रों/मूर्तियों का अपमान करने वालों के विरुद्ध कार्यवाही।
8. मंदिर मुक्ति अभियान
मंदिरों को मुक्त कराना, जाति आधारित आरक्षण का विरोध एवं आर्थिक रूप से पिछड़े वर्ग की मदद।
9. राष्ट्रीय एकता
भारत राष्ट्र, सनातन हिन्दू व ब्राह्मण समाज तथा सभी धर्म व वर्गों का सत्कार सर्वोपरि।
विश्व ब्राह्मण परिषद
🌼 हमसे जुड़ने के लाभ 🌼
सनातन धर्म की सेवा
आप सीधे सनातन संस्कृति, वेद–शास्त्र और भारतीय परंपराओं के संरक्षण से जुड़ते हैं।
धार्मिक पहचान
सदस्य के रूप में आपको सामाजिक और धार्मिक मंच पर विशेष सम्मान मिलता है।
समाज से जुड़ाव
पूरे भारत के ब्राह्मण परिवारों से संपर्क और एक मजबूत संगठन का सहयोग।
धार्मिक कार्यक्रम
यज्ञ, कथा, मंदिर सेवा, संस्कार शिविरों में भाग लेने का अवसर।
युवा मार्गदर्शन
छात्रों और युवाओं को संस्कार, शिक्षा व करियर मार्गदर्शन।
समाज की सुरक्षा
ब्राह्मण समाज के अधिकारों, सम्मान और एकता की रक्षा।
Vishav Brahman Prishad
दान राशि सीधे संस्था के आधिकारिक बैंक खाते में जमा करें। आपका सहयोग समाज उत्थान में उपयोग किया जाएगा।